भरथना: क्षेत्र अंतर्गत कंधेसी पचार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन व्यासपीठ से कथा वाचक आचार्य पं. रामबाबू द्विवेदी मयंक जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूर्ण ब्रह्म के अवतार हैं और जब-जब पृथ्वी पर पाप एवं अधर्म बढ़ता है, तब धर्म की स्थापना तथा भक्तों की रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं।
कथा के दौरान आचार्य मयंक जी महाराज ने पूतना मोक्ष, श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, माखन चोरी तथा गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों का रोचक एवं मार्मिक वर्णन किया। कथा श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए और भक्तिमय वातावरण में कथा रस का पान किया।
कथा पंडाल में परीक्षित अमित कुमार, मंटू मिश्रा , प्रेमकिशोर शुक्ला, उमाकांत चौबे, सुनील कान्त चौबे, अरविंद दुबे, देवेंद्र स्वरूप मिश्रा, प्रदीप नारायण मिश्रा, सत्यप्रकाश शुक्ला, पूर्व प्रधान शैलू शुक्ला , अवधेश शुक्ला, शिवम मिश्रा, उदय नारायण शुक्ला, कार्तिक शुक्ला, ऋषभ चौबे, वैभव दुबे, विशाल प्रजापति, ध्रुव शुक्ला, अनमोल दुबे, सचिन सविता एवं ओमकार दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
